कुशीनगर। तरयासुजान क्षेत्र के गोपालपुर ओझवलिया गांव में खेत की खुदाई के दौरान मिले पीतल के घड़े से बरामद मुगलकालीन चांदी के सिक्कों ने इलाके में कौतूहल पैदा कर दिया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुरातत्व विभाग को भी भेज दी है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को गोपालपुर ओझवलिया गांव में खेत में मिट्टी की कटाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जमीन के भीतर से एक पीतल का घड़ा मिला, जिसमें पुराने चांदी के सिक्के रखे हुए थे। सिक्कों को मुगलकालीन बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
मंगलवार को मामले की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि जिस खेत में खुदाई की जा रही थी, वहां छह से अधिक ट्रैक्टरों और लोडर मशीनों की मदद से मिट्टी कटान का कार्य चल रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिक्कों की बरामदगी के समय खेत पर केवल भूमि स्वामी राधेश्याम वर्मा और मशीन चालक मौजूद थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने बरामद सिक्कों को कब्जे में लेकर रिपोर्ट एसडीएम तमकुहीराज को भेज दी है। इसके साथ ही मामले की सूचना पुरातत्व विभाग को भी दे दी गई है, ताकि सिक्कों की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्ता का आकलन किया जा सके।
स्थानीय लोगों के बीच इस खोज को लेकर काफी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि यदि सिक्कों के मुगलकालीन होने की पुष्टि होती है, तो यह क्षेत्र के इतिहास और पुरातात्विक महत्व से जुड़ी एक अहम खोज साबित हो सकती है। फिलहाल प्रशासन और पुरातत्व विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।








