उधम सिंह नगर। खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में सामने आए कथित मतांतरण मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब विदेशी फंडिंग के पहलू पर अपनी जांच और तेज कर दी है। इस क्रम में टीम ने मुख्य आरोपितों के बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की पड़ताल शुरू कर दी है। विभिन्न बैंकों से मांगी गई खातों की ट्रांजेक्शन रिपोर्ट एसआईटी को प्राप्त हो चुकी है, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने खटीमा, नानकमत्ता और आसपास के क्षेत्रों में संचालित विभिन्न बैंकों से आरोपितों के बैंक खातों का विवरण और लेन-देन से संबंधित जानकारी मांगी थी। मंगलवार को अलग-अलग बैंकों ने सात बैंक खातों की ट्रांजेक्शन रिपोर्ट जांच टीम को सौंप दी।
प्राप्त रिपोर्ट में कई प्रमुख बैंक शामिल हैं, जिनमें ओवरसीज बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य वित्तीय संस्थान शामिल हैं। अब एसआईटी इन खातों में हुए लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कहीं इनमें विदेशी स्रोतों से धनराशि प्राप्त तो नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि खातों में जमा की गई रकम का स्रोत क्या था और उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया गया। यदि विदेशी फंडिंग के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।
गौरतलब है कि खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्रों में कथित मतांतरण की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर खटीमा, नानकमत्ता और गदरपुर थानों में कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। अब तक एसआईटी इस मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों और आरोपितों की तलाश जारी है।
फिलहाल जांच टीम बैंक खातों से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।








