भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और अन्य सात लोगों के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले को वापस लेने के निर्णय पर अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विभाग ने फेडरल कोर्ट में दाखिल 10 पृष्ठों के दस्तावेज में कहा कि यह अभियोजन कानूनी दृष्टि से कमजोर, कूटनीतिक रूप से नुकसानदेह और ट्रंप प्रशासन की प्रवर्तन (Enforcement) प्राथमिकताओं के अनुरूप नहीं था।
दस्तावेज में न्याय विभाग का कहना है कि संबंधित मामला या तो एक वर्ष पहले ही समाप्त कर दिया जाना चाहिए था या फिर इसे शुरू ही नहीं किया जाना चाहिए था। विभाग का तर्क है कि उपलब्ध परिस्थितियों में इस अभियोजन को आगे बढ़ाना उचित नहीं माना गया।
यह जवाब उस समय सामने आया जब अमेरिकी जिला जज निकोलस गरौफिस ने न्याय विभाग से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह चार्जशीट को स्थायी रूप से समाप्त (Dismiss with Prejudice) करने की मांग क्यों कर रहा है।
दरअसल, न्याय विभाग की पहले दाखिल की गई याचिका में मामले को वापस लेने के पीछे के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया था। इसी वजह से अदालत ने विभाग से अपने निर्णय के कानूनी और प्रशासनिक आधारों का विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा।
अब न्याय विभाग ने अदालत को सौंपे गए दस्तावेज में अपने फैसले के पीछे के कारण विस्तार से बताते हुए कहा है कि यह निर्णय कानूनी मूल्यांकन, कूटनीतिक हितों और प्रशासन की प्रवर्तन नीति को ध्यान में रखकर लिया गया है। फिलहाल इस मामले में अंतिम फैसला अदालत को करना है कि चार्जशीट को स्थायी रूप से समाप्त करने की विभाग की मांग स्वीकार की जाए या नहीं।#GautamAdani #Adani #USDOJ #USCourt #DonaldTrump #BusinessNews #WorldNews #LegalNews #BreakingNews #InternationalNews








