करीब चार साल पुराने दुष्कर्म मामले में पंचकूला की अदालत ने 60 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। साथ ही अदालत ने माना कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्य दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 मार्च 2022 को 13 वर्षीय एक किशोरी अपनी सहेली से मिलकर घर लौट रही थी। आरोप था कि आरोपी ने किशोरी के पिता के 50 रुपये लौटाने का बहाना बनाकर उसे अपनी दुकान पर बुलाया।
शिकायत के अनुसार, दुकान के अंदर ले जाने के बाद आरोपी ने दरवाजा बंद कर किशोरी के साथ जबरदस्ती की। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी और आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के साथ उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अभियोजन पक्ष आरोपों को कानूनी मानकों के अनुरूप प्रमाणित नहीं कर सका। इसी आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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