आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय की एक महिला की मौत के बाद सामने आई तस्वीर ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक चुनौतियों की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौपारण थाना क्षेत्र के चोरदाहा पंचायत स्थित जमुनियातरी गांव निवासी सनफुल बिरहोरीन की जहर खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को उनकी तबीयत गंभीर होने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), चौपारण से बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया था। हालांकि उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिवार की आर्थिक बदहाली सामने आई। परिजनों के पास शव को अपने गांव तक ले जाने के लिए भी पर्याप्त संसाधन नहीं थे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार लंबे समय तक अस्पताल में शव के साथ सहायता की प्रतीक्षा करता रहा।
इस घटना ने एक बार फिर दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आपातकालीन परिवहन और सामाजिक सहायता व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे परिवारों को संकट की घड़ी में तत्काल सरकारी सहायता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
फिलहाल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले में क्या सहायता उपलब्ध कराई गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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