दिल्ली में सड़कों के किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए बजट में करीब 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर हरित पट्टियों और पौधरोपण की स्थिति में खास सुधार नहीं दिखने से लोक निर्माण विभाग (PWD) की नई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने सड़कों के सौंदर्यीकरण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की थी। इसके बावजूद कई इलाकों में सड़क किनारे हरियाली का दायरा पहले जैसा ही बना हुआ है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि अतिरिक्त धनराशि के बावजूद जमीनी स्तर पर काम अपेक्षित गति से क्यों नहीं हो सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बजट बढ़ाने से लक्ष्य हासिल नहीं होते, बल्कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी और समयबद्ध रखरखाव भी उतना ही आवश्यक है। यदि पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाए, तो हरियाली बढ़ाने का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
इस बीच, लोक निर्माण विभाग की नई कार्यप्रणाली और रखरखाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि नई व्यवस्था के बावजूद अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि विभाग का पक्ष है कि हरियाली बढ़ाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग इन सवालों का क्या जवाब देता है और भविष्य में दिल्ली की सड़कों पर हरियाली बढ़ाने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाते हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति और उनके वास्तविक परिणाम स्थिति को और स्पष्ट करेंगे।








