देश में एलपीजी (LPG) के अधिक प्रभावी और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पुणे गैस ने केंद्र सरकार के समक्ष LPG Efficiency Policy लागू करने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी का कहना है कि इस नीति के लागू होने से एलपीजी की खपत को अधिक दक्ष बनाया जा सकेगा, ऊर्जा की बचत होगी और उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
प्रस्ताव में एलपीजी के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित करने, ऊर्जा दक्ष उपकरणों को बढ़ावा देने और गैस की अनावश्यक खपत को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है। कंपनी का मानना है कि भारत में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में गैस की दक्षता बढ़ाने के लिए ठोस नीति की आवश्यकता है।
पुणे गैस के अनुसार, यदि देश में LPG एफिशिएंसी पॉलिसी लागू की जाती है तो इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में एलपीजी के बेहतर उपयोग के लिए आधुनिक तकनीकों और ऊर्जा दक्ष उपकरणों को अपनाने में मदद मिलेगी।
प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार एलपीजी उपकरणों के लिए ऊर्जा दक्षता से जुड़े मानक तय करे और जागरूकता अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को गैस के सुरक्षित एवं किफायती उपयोग के प्रति प्रेरित करे।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








