मेरठ: आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में बुधवार, 2 सितंबर को मेरठ बंद का आह्वान किया गया है। बंद के समर्थन में व्यापारी, सामाजिक संगठन और अन्य संस्थाएं सड़कों पर उतरी हैं। शहर के कई इलाकों में बाजार बंद रहे, जबकि कुछ क्षेत्रों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट से जुड़े विवाद को लेकर मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति लंबे समय से आंदोलन कर रही है। समिति का आरोप है कि आवास विकास परिषद की कार्रवाई से व्यापारियों और स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हुआ है। इसी के विरोध में 2 सितंबर को मेरठ बंद और महापंचायत का आह्वान किया गया। बंद को सफल बनाने के लिए मंगलवार तक शहर के अलग-अलग बाजारों में जनसंपर्क अभियान चलाया गया।
कई बाजारों में बंद का असर
मेरठ बंद के दौरान शहर के कुछ प्रमुख बाजारों में दुकानों के शटर बंद दिखाई दिए। हालांकि, सभी व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन नहीं किया है, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में इसका असर एक जैसा नहीं रहा। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन इलाकों के बाजारों में बंद का प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आया।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने व्यापारियों से बंद में शामिल होने की अपील की थी। सेंट्रल मार्केट समेत कई क्षेत्रों में व्यापारी और प्रदर्शनकारी लगातार जनसंपर्क कर रहे थे। शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में आंदोलन से जुड़े लोगों का धरना भी जारी रहा।
OPD बंद, मरीजों को हुई परेशानी
मेरठ बंद का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के समर्थन के बाद निजी चिकित्सकों ने बुधवार को OPD सेवाएं बंद रखने का फैसला किया। इसके चलते इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, अस्पतालों में Emergency Services और भर्ती मरीजों का इलाज जारी रखा गया है। यानी गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट
मेरठ बंद और प्रस्तावित महापंचायत को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट है। प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
आवास विकास परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन को लेकर भी पुलिस सक्रिय रही। प्रदर्शन के लिए सड़क पर लगाए गए टेंट के पर्दे पुलिस ने हटवा दिए, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। पुलिस का कहना था कि सड़क पर टेंट लगाने से यातायात बाधित हो सकता है।
महापंचायत और घेराव की तैयारी
बंद के साथ ही आंदोलनकारियों ने महापंचायत और आवास विकास परिषद कार्यालय के घेराव की भी तैयारी की है। आंदोलनकारी आवास विकास की कार्रवाई के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। वहीं, कई व्यापारिक संगठनों के बंद से दूरी बनाने के कारण पूरे शहर में बंद के असर को लेकर स्थिति मिश्रित बनी हुई है।






