नई दिल्ली: महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर जारी Gen Z के प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी युवाओं के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए महिलाओं पर ही पाबंदियां लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज और व्यवस्था की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उनका कहना है कि महिलाओं को सुरक्षित रखने के नाम पर उनकी स्वतंत्रता सीमित करने या उन्हें घरों के भीतर रखने के बजाय ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए, जहां वे बिना डर के सार्वजनिक स्थानों पर आ-जा सकें।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में Gen Z से जुड़े छात्र-छात्राएं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में हुए प्रदर्शनों में छात्रों ने खराब स्ट्रीट लाइटिंग, सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षा और महिलाओं की आवाजाही पर लगने वाली सामाजिक पाबंदियों जैसे मुद्दे उठाए। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
राहुल गांधी ने इस मुद्दे को महिलाओं की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कहा कि अपराध का समाधान महिलाओं की गतिविधियों पर रोक लगाना नहीं है। उनके मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
Gen Z के इन प्रदर्शनों में युवा पीढ़ी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और समाज से जवाबदेही की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महिलाओं को डर और पाबंदियों के बीच रखने के बजाय सुरक्षित और समान माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
राहुल गांधी का समर्थन ऐसे समय में सामने आया है, जब महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी स्वतंत्र आवाजाही का मुद्दा देश के कई हिस्सों में चर्चा में है। उन्होंने महिलाओं को अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों पर कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही है। #RahulGandhi #GenZ #WomenSafety #WomenRights #GenZProtest #Congress #WomensSecurity #IndiaNews






