नई दिल्ली: बेहतर रोजगार और जीवन की उम्मीद में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर दक्षिण भारत का रुख कर रहे हैं। एक नए सर्वे के मुताबिक, दक्षिण भारत के तीन राज्यों में काम कर रहे करीब 72 फीसदी प्रवासी मजदूरों का मानना है कि दूसरे राज्य में जाकर काम करने से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
यह जानकारी South India Interstate Migration Survey (SIIMS) 2026 में सामने आई है। इस अध्ययन में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में रहने और काम करने वाले 1,824 प्रवासी मजदूरों को शामिल किया गया। सर्वे में कृषि, मछली पकड़ने, दैनिक मजदूरी, होटल-हॉस्पिटैलिटी, कपड़ा एवं गारमेंट उद्योग और कबाड़ संग्रह जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति का अध्ययन किया गया।
रोजगार के बेहतर अवसर तलाश रहे मजदूर
सर्वे के मुताबिक, प्रवास के पीछे कई आर्थिक और रोजगार संबंधी कारण हैं। मजदूरों ने अपने मूल स्थान पर कम मजदूरी, रोजगार के सीमित अवसर, अनियमित काम, गरीबी और कर्ज को राज्य से बाहर जाने की प्रमुख वजहों में गिनाया। कई श्रमिकों के लिए दक्षिण भारत में अपेक्षाकृत बेहतर रोजगार के अवसर आकर्षण का कारण बने।
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल प्रवासी मजदूरों में 92 फीसदी से अधिक लोग पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और झारखंड से आए थे। इनमें पश्चिम बंगाल के 26.2 फीसदी, बिहार के 21.8 फीसदी, असम के 17.1 फीसदी, ओडिशा के 12 फीसदी, उत्तर प्रदेश के 9.6 फीसदी और झारखंड के 5.6 फीसदी प्रवासी शामिल थे।
57% मजदूर वर्तमान राज्य में काम जारी रखना चाहते हैं
सर्वे में यह भी सामने आया कि करीब 57 फीसदी प्रवासी मजदूर अपने मौजूदा गंतव्य राज्य में काम जारी रखने के इच्छुक हैं। हालांकि, बेहतर जीवन स्तर के अनुभव के बावजूद प्रवासी श्रमिकों के सामने रोजगार सुरक्षा और जरूरी सेवाओं तक पहुंच जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 86 फीसदी से ज्यादा प्रवासी मजदूरों के पास हस्ताक्षरित रोजगार अनुबंध नहीं है। इसके अलावा कई श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं और आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। भाषा, संवाद और सामाजिक स्तर पर भी उन्हें कई तरह की दिक्कतें होती हैं।
यह अध्ययन International Institute of Migration and Development (IIMAD) ने किया है। इसे United Nations Population Fund (UNFPA) का समर्थन मिला और International Organization for Migration (IOM) ने भी इसमें सहयोग किया। रिपोर्ट देश के भीतर बदलते प्रवासन पैटर्न और दक्षिण भारत में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की परिस्थितियों को समझने से जुड़ा अहम डेटा प्रस्तुत करती है। #MigrantWorkers #Migration #SouthIndia #SIIMS2026 #UNFPA #MigrantLabour #Karnataka #Kerala #TamilNadu #IndiaNews






