छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोषी ठहराई गई एक महिला को करीब 15 साल बाद राहत दी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए सास को आरोपों से बरी कर दिया।
मामला बहू की आत्महत्या से जुड़ा था। महिला पर आरोप लगाया गया था कि उसने अपनी बहू को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। इस मामले में निचली अदालत ने उसे दोषी करार दिया था। इसके बाद महिला ने हाई कोर्ट में फैसले को चुनौती दी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए आरोपी सास को बरी कर दिया।
इस फैसले के साथ ही करीब 15 साल से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत हुआ और महिला को मामले में राहत मिली। #ChhattisgarhHighCourt #ChhattisgarhNews #HighCourt #CourtNews #Justice #CrimeNews #LegalNews #HindiNews






