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भारत में मौतों का 10वां बड़ा कारण सड़क हादसे, हर दिन करीब 500 लोगों की जान जाती है: WHO रिपोर्ट

भारत में सड़क दुर्घटनाएं गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसे देश में मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं और दोनों लिंगों को मिलाकर ये मृत्यु का 10वां सबसे बड़ा कारण हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर दिन करीब 500 लोगों की जान जाती है। सड़क हादसों से होने वाली मौतों का आंकड़ा देश में सड़क सुरक्षा की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।

WHO के आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों में सड़क दुर्घटनाएं मौत का आठवां सबसे बड़ा कारण हैं। वहीं महिलाओं में सड़क हादसे शीर्ष 10 कारणों में अलग स्थान पर हैं और गिरने से होने वाली मौतें नौवें स्थान पर हैं। दोनों लिंगों को मिलाकर सड़क दुर्घटनाएं मृत्यु के दसवें प्रमुख कारण के रूप में सामने आती हैं।

WHO के भारत संबंधी आंकड़ों में यह भी सामने आता है कि चोटों से होने वाली मौतें देश में मृत्यु के कुल बोझ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगठन के अनुसार, ऐसे आंकड़े स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क सुरक्षा नीतियों के लिए प्राथमिकताएं तय करने में मदद करते हैं। हालांकि, WHO ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में मृत्यु पंजीकरण से जुड़े आंकड़ों की गुणवत्ता संबंधी सीमाओं के कारण इन अनुमानों को सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।

भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़े भी सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को रेखांकित करते हैं। मंत्रालय के अनुसार, 2022 में सड़क हादसों में 1,68,491 लोगों की मौत हुई थी। इनमें सबसे बड़ी संख्या तेज रफ्तार से जुड़े हादसों की थी।

WHO की सड़क सुरक्षा संबंधी 2023 कंट्री प्रोफाइल में भी भारत में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों और गैर-घातक चोटों को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

सड़क हादसों में कमी लाने के लिए तेज रफ्तार पर नियंत्रण, यातायात नियमों का सख्ती से पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल तथा सुरक्षित सड़क बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना अहम माना जाता है। WHO के आंकड़े एक बार फिर यह संकेत देते हैं कि सड़क सुरक्षा को केवल यातायात व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर चुनौती के रूप में देखने की जरूरत है। #RoadAccidents #RoadSafety #WHOReport #IndiaNews #RoadAccidentDeaths #TrafficSafety #WHO #सड़कहादसा #सड़कसुरक्षा #भारत

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