मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने के कारण लोकतंत्र और वोट देने का अधिकार बड़े खतरे में है।
जस्टिस नरीमन ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति में सरकार की प्रमुख भूमिका हो, तो चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ‘रेड फ्लैग’ बताया।
SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की रिपोर्टों का जिक्र करते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप की उम्मीद जताई। साथ ही कहा कि ऐसा निर्वाचन आयोग नहीं हो सकता जो ठीक से काम न करे।
जस्टिस नरीमन ने CEC और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम की वैधता पर भी सुप्रीम कोर्ट से जल्द फैसला लेने की बात कही। उनके मुताबिक, वोट देने का अधिकार संविधान और लोकतंत्र का मूल हिस्सा है, इसलिए इससे जुड़े मामलों में अदालत को प्रभावी कदम उठाना चाहिए। #SIR #JusticeNariman #RohintonFaliNariman #ElectionCommission #ECI #VoterList #VotingRights #SupremeCourt #Democracy #CEC #SIRControversy #IndiaNews






