Home National 49 साल बाद भी गाजियाबाद में बर्न यूनिट की कमी, गंभीर मरीजों...

49 साल बाद भी गाजियाबाद में बर्न यूनिट की कमी, गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर करने की मजबूरी

दिल्ली से सटे Ghaziabad को 14 नवंबर 1976 को जिले का दर्जा मिला था। पिछले करीब पांच दशकों में गाजियाबाद ने विकास की तेज रफ्तार देखी है। शहर में मेट्रो और Namo Bharat जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं शुरू हुईं, वहीं बढ़ती आबादी को देखते हुए बड़ी संख्या में बहुमंजिला आवासीय इमारतें भी तैयार की गईं।

हालांकि, शहर के बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति अब भी कई सवाल खड़े कर रही है। जिला बनने के 49 साल बाद भी गाजियाबाद में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बर्न यूनिट और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यही वजह है कि 40 प्रतिशत से अधिक झुलसे मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली के Safdarjung Hospital रेफर करना पड़ता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आग से झुलसे मरीजों के लिए शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में मरीजों को दूसरे शहर रेफर करने से इलाज में देरी होती है, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो सकती है। इसके बावजूद जिले में अब तक अत्याधुनिक बर्न केयर सेंटर विकसित नहीं किया जा सका है।

गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में हर साल आग लगने और घरेलू हादसों के कई मामले सामने आते हैं। बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक इकाइयों और घनी आबादी वाले इलाकों के कारण आग से जुड़े जोखिम भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उपचार व्यवस्था का अभाव लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि करोड़ों की आबादी वाले जिले में आधुनिक बर्न यूनिट की स्थापना अब बेहद जरूरी हो चुकी है। उनका मानना है कि यदि गाजियाबाद में ही उच्चस्तरीय उपचार सुविधा उपलब्ध हो जाए, तो गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर करने की मजबूरी कम हो सकती है और कई जानें बचाई जा सकती हैं।

#Ghaziabad #BurnUnit #HealthNews #SafdarjungHospital #UPNews #MedicalFacilities #DelhiNCR #Healthcare #BreakingNews #GhaziabadNews

RELATED ARTICLES

PM मोदी की अपील का असर: एएमयू और प्रशासनिक बैठकों में बढ़ेगा ऑनलाइन सिस्टम

प्रधानमंत्री Narendra Modi और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील का असर अब प्रशासनिक...

NEET पेपर लीक का नेटवर्क 10 राज्यों तक फैला, SOG जांच में बड़े खुलासे

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में Rajasthan Special Operations Group (एसओजी) की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, लीक हुआ...

बंगाल में सार्वजनिक पशु वध पर सख्ती, नई अधिसूचना के बाद होगा संगीन अपराध

West Bengal में अब सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध करना केवल सामाजिक और धार्मिक विवाद का विषय नहीं रहेगा, बल्कि इसे कानूनन गंभीर अपराध...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

PM मोदी की अपील का असर: एएमयू और प्रशासनिक बैठकों में बढ़ेगा ऑनलाइन सिस्टम

प्रधानमंत्री Narendra Modi और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील का असर अब प्रशासनिक...

NEET पेपर लीक का नेटवर्क 10 राज्यों तक फैला, SOG जांच में बड़े खुलासे

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में Rajasthan Special Operations Group (एसओजी) की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, लीक हुआ...

बंगाल में सार्वजनिक पशु वध पर सख्ती, नई अधिसूचना के बाद होगा संगीन अपराध

West Bengal में अब सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध करना केवल सामाजिक और धार्मिक विवाद का विषय नहीं रहेगा, बल्कि इसे कानूनन गंभीर अपराध...

मुंबई में मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य, डिप्टी मेयर ने दुकानों और होटलों को दी चेतावनी

Mumbai में दुकानों, पांच सितारा होटलों और सेलिब्रिटी स्वामित्व वाले आउटलेट्स समेत सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अब देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य...

Recent Comments