Mumbai में दुकानों, पांच सितारा होटलों और सेलिब्रिटी स्वामित्व वाले आउटलेट्स समेत सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अब देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में मुंबई के डिप्टी मेयर Sanjay Ghadhi ने बुधवार को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों को एक महीने के भीतर नियमों का पालन करने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाए गए, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी मेयर ने यह बयान Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) के दुकानों और प्रतिष्ठानों विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मराठी भाषा में साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य है और इसका पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संजय घाडी ने कहा कि मराठी महाराष्ट्र की राजभाषा है और मुंबई में व्यवसाय करने वाले सभी प्रतिष्ठानों को स्थानीय भाषा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निरीक्षण अभियान भी चलाया जा सकता है।
इस फैसले के बाद व्यापारिक प्रतिष्ठानों और होटल उद्योग में हलचल तेज हो गई है। कई प्रतिष्ठान अब अपने बोर्ड बदलने या उनमें मराठी भाषा जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में मराठी भाषा और पहचान को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। अब बीएमसी की ओर से जारी इस सख्त रुख को उसी कड़ी में देखा जा रहा है।
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