NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में Rajasthan Special Operations Group (एसओजी) की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, लीक हुआ प्रश्न पत्र देश के कम से कम 10 राज्यों में बेचा गया था। इनमें Rajasthan, Maharashtra, Haryana, Delhi, Kerala और Uttarakhand समेत अन्य राज्य शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि एसओजी ने सभी राज्यों के नाम आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किए हैं। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक Vishal Bansal ने स्वीकार किया कि प्रश्न पत्र परीक्षा से दो से तीन सप्ताह पहले ही पेपर माफियाओं तक पहुंच चुका था।
जांच में यह भी सामने आया है कि Sikar में ई-मित्र संचालकों तक लीक पेपर पहुंच गया था। इसके अलावा कुछ कोचिंग संचालकों और एक करियर काउंसलर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। एसओजी ने जयपुर, सीकर और Gurugram समेत कई शहरों से आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ निवासी दो भाई दिनेश बिंवाल और मांगीलाल का नाम भी शामिल है। बताया जा रहा है कि दिनेश बिंवाल भाजपा से जुड़ा रहा है और वह जयपुर जिला भाजपा का पूर्व मंत्री भी रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक, वह क्षेत्रीय भाजपा विधायक Mahendra Meena का करीबी माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, एसओजी द्वारा Central Bureau of Investigation (सीबीआई) को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि NEET का पेपर Nashik स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। इसके बाद यह पेपर गुरुग्राम के खुरमपुर गांव निवासी एमबीबीएस छात्र यश यादव तक पहुंचा।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। माना जा रहा है कि पेपर लीक गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों और शिक्षा संस्थानों तक फैला हो सकता है। इस मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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