ईरान और अमेरिका के बीच नाजुक युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। यह रणनीतिक समुद्री मार्ग एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा और व्यापार व्यवस्था के केंद्र में आ गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपने सहयोगी देश ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूली की संभावित योजना पर बातचीत शुरू कर दी है। यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वैश्विक समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर
जानकारी के अनुसार, फरवरी के अंत में अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। इसके बाद ईरान ने इस जलमार्ग पर व्यापारिक आवाजाही को लगभग ठप कर दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग व्यवस्था प्रभावित हुई और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
नई अथॉरिटी और अनुमति व्यवस्था का ऐलान
ताजा घटनाक्रम में ईरान ने ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नाम से एक नई संस्था के गठन की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर जारी संदेशों में संकेत दिया गया है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज के लिए ईरानी अनुमति अनिवार्य होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो इससे वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
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