United Kingdom में वैध तरीके से काम करने पहुंचे एक भारतीय स्वास्थ्य एवं देखभाल कर्मी को ब्रिटिश न्यायाधिकरण से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने उनकी स्पॉन्सर कंपनी को खोई हुई मजदूरी, अवकाश भुगतान और अन्य खर्चों सहित भारी मुआवजा देने का आदेश सुनाया है।
33 वर्षीय Shabin Shaji हेल्थ एंड केयर वर्कर वीजा के तहत ब्रिटेन पहुंचे थे। उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में नौकरी के लिए Swan Care Solutions Ltd द्वारा स्पॉन्सरशिप सर्टिफिकेट जारी किया गया था। हालांकि, आरोप है कि कंपनी ने उन्हें न तो काम दिया और न ही कोई भुगतान किया।
बर्मिंघम रोजगार न्यायाधिकरण में सुनवाई के दौरान शाजी ने दावा किया कि कंपनी की ओर से तय रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने इसे मजदूरी से अवैध कटौती और अनुबंध उल्लंघन बताया।
रोजगार न्यायाधीश एडमंड्स ने अपने फैसले में कहा कि शाजी बतौर कुशल कर्मचारी काम करने के लिए “तैयार, सक्षम और इच्छुक” थे, लेकिन प्रायोजक कंपनी अपने दायित्व पूरे करने में विफल रही।
न्यायाधिकरण ने माना कि अप्रैल 2023 से अप्रैल 2024 तक शाजी का रोजगार प्रभावी रूप से अस्तित्व में था। फैसले के तहत कंपनी को 28,000 पाउंड से अधिक की खोई हुई मजदूरी, अवकाश भुगतान, उपचार खर्च और कानूनी कार्रवाई से जुड़े खर्चों का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं कंपनी की ओर से कहा गया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण नौकरी शुरू नहीं हो सकी। हालांकि अदालत ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी की दलीलों को पर्याप्त नहीं माना।
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