China की लगातार बढ़ती सैन्य ताकत और United States की बदलती वैश्विक प्राथमिकताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नई रणनीतिक चिंता पैदा कर दी है। इस बदलते सुरक्षा माहौल के बीच क्षेत्र के कई देश अब तेजी से अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने और रक्षा साझेदारियों को मजबूत करने में जुट गए हैं।
एशिया के सबसे बड़े रक्षा मंच Shangri-La Dialogue में अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने क्षेत्रीय सहयोगियों से अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों में अधिक योगदान देने की अपील की।
हालांकि सम्मेलन के दौरान अमेरिका को उन चिंताओं का भी सामना करना पड़ा, जिनमें यह आशंका जताई गई कि ईरान से जुड़े पश्चिम एशियाई तनाव के कारण वॉशिंगटन का रणनीतिक फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से कमजोर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण चीन सागर, ताइवान और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों को लेकर बढ़ते तनाव ने एशियाई देशों को रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए मजबूर किया है। जापान, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपींस और कई अन्य देश अपने सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, चीन की आक्रामक सैन्य नीति और अमेरिका की वैश्विक रणनीतिक चुनौतियों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र अब वैश्विक शक्ति संतुलन का सबसे अहम केंद्र बनता जा रहा है।
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