Home National चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता की मिसाल बना चिंतपूर्णी मंदिर, CCTV और...

चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता की मिसाल बना चिंतपूर्णी मंदिर, CCTV और लाइव स्क्रीन से होती है निगरानी

मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किया जाने वाला चढ़ावा केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि उनकी आस्था, विश्वास और धार्मिक भावनाओं का प्रतीक होता है। ऐसे में चढ़ावे की गणना और उसके प्रबंधन में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

हाल के दिनों में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गणना को लेकर उठे विवादों के बीच हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले स्थित माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर की व्यवस्था एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आई है। यहां चढ़ावे की गिनती आधुनिक तकनीक और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जाती है।

जानकारी के अनुसार, माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालु हर वर्ष लगभग 30 से 32 करोड़ रुपये का चढ़ावा अर्पित करते हैं। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में यह मंदिर आय के मामले में अग्रणी मंदिरों में शामिल है।

चढ़ावे की गणना के लिए मंदिर परिसर में विशेष गणना कक्ष बनाया गया है, जहां पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीकी निगरानी में संपन्न होती है। गणना कक्ष में चार उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे समय गिनती की निगरानी करते हैं।

इतना ही नहीं, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिस पर गणना कक्ष की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण दिखाया जाता है। इससे श्रद्धालु और आम लोग भी चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया को देख सकते हैं।

मंदिर प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी और खुली व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होता है तथा चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

#ChintpurniTemple #HimachalPradesh #TempleNews #Donation #Transparency #CCTV #ReligiousNews #IndiaNews #HindiNews #LatestNews

RELATED ARTICLES

MLC 2026 से बाहर हुए रविचंद्रन अश्विन, घुटने की चोट के कारण बीच सीजन में छोड़ा टूर्नामेंट

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बड़ा झटका लगा है। घुटने की चोट के कारण वह मेजर लीग क्रिकेट (MLC)...

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 30 जुलाई को, सफल विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय के दीक्षा मण्डप में आयोजित किया जाएगा। इस...

हांसी पेयजल परियोजना पर विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, पाइपलाइन कार्य रुकने से नागरिकों ने दायर की याचिका

हरियाणा के हांसी शहर तक पेयजल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत बनाई जा रही रॉ वॉटर पाइपलाइन परियोजना...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

MLC 2026 से बाहर हुए रविचंद्रन अश्विन, घुटने की चोट के कारण बीच सीजन में छोड़ा टूर्नामेंट

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बड़ा झटका लगा है। घुटने की चोट के कारण वह मेजर लीग क्रिकेट (MLC)...

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 30 जुलाई को, सफल विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय के दीक्षा मण्डप में आयोजित किया जाएगा। इस...

हांसी पेयजल परियोजना पर विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, पाइपलाइन कार्य रुकने से नागरिकों ने दायर की याचिका

हरियाणा के हांसी शहर तक पेयजल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत बनाई जा रही रॉ वॉटर पाइपलाइन परियोजना...

चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता की मिसाल बना चिंतपूर्णी मंदिर, CCTV और लाइव स्क्रीन से होती है निगरानी

मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किया जाने वाला चढ़ावा केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि उनकी आस्था, विश्वास और धार्मिक भावनाओं का प्रतीक होता है।...

Recent Comments