शहर में डोर-टू-डोर कचरण संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने हाल ही में एक विस्तृत सर्वे कराया है। सर्वे में सामने आया है कि पूरे शहर के सेक्टरों और गांवों से प्रभावी ढंग से कचरा एकत्र करने के लिए करीब 400 वाहनों की आवश्यकता है। जबकि वर्तमान में उपलब्ध वाहनों की संख्या इस आवश्यकता का लगभग 35 से 40 प्रतिशत ही है।
प्राधिकरण सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि शहर के अधिकांश सेक्टरों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से संचालित हो रही है, लेकिन गांवों में स्थिति भिन्न है। वहां की कई गलियां इतनी संकरी हैं कि बड़े कचरा वाहनों का पहुंचना संभव नहीं हो पाता। इसी वजह से कई स्थानों पर नियमित कूड़ा उठान प्रभावित होता है।
डोर-टू-डोर सेवा होगी उपलब्ध
गांवों में कचरा संग्रहण को सुचारु बनाने के लिए बाइक और ई-रिक्शा जैसे छोटे वाहनों के उपयोग का विकल्प भी देखा जा रहा है। इन वाहनों के जरिए घरों से कचरा एकत्र कर उसे बड़े ट्रांसपोर्ट वाहनों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे उन क्षेत्रों में भी डोर-टू-डोर सेवा उपलब्ध हो सकेगी जहां वर्तमान व्यवस्था प्रभावी नहीं है।
नोएडा से रोजाना कितना कूड़ा निकलता है?
प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में नोएडा से प्रतिदिन लगभग 1000 टन (टीपीडी) ठोस कचरा निकल रहा है। शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए आने वाले सालों में यह मात्रा बढ़कर करीब 1200 टन प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है।








