हरिद्वार। Patanjali Ayurved ने देश में सिविल सेवा की तैयारी को नया आयाम देने के उद्देश्य से पतंजलि सिविल सेवा अकादमी के शुभारंभ की घोषणा की है। इस पहल का लक्ष्य भारतीय संस्कृति, आधुनिक विज्ञान और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरित ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों का निर्माण करना है, जो देश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मूल्य आधारित दिशा दे सकें।
अकादमी का उद्देश्य केवल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं होगा, बल्कि ऐसे राष्ट्रनिष्ठ और चरित्रवान अधिकारियों का निर्माण करना भी होगा, जो देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बाबा रामदेव ने बताया ऐतिहासिक पहल
योग गुरु Baba Ramdev ने इस अकादमी को शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत संविधान और कानूनों से संचालित होता है, लेकिन इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन अधिकारियों के चरित्र, नैतिकता और कार्यशैली पर निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि अकादमी ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों को तैयार करेगी, जो केवल पद प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और भारत माता की सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानें।
‘त्रि-शिक्षा’ मॉडल पर आधारित होगी शिक्षा
पतंजलि सिविल सेवा अकादमी में एक विशेष ‘त्रि-शिक्षा’ मॉडल अपनाया जाएगा। इस मॉडल के तहत तीन प्रमुख आयामों पर विद्यार्थियों का विकास किया जाएगा—
- आध्यात्मिक ज्ञान
- प्रशासनिक उत्कृष्टता
- शैक्षणिक कठोरता
अकादमी के अनुसार यह मॉडल ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद की त्रिवेणी की तरह कार्य करेगा, जिससे विद्यार्थियों में ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों का समन्वित विकास हो सकेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर फोकस
अकादमी का पाठ्यक्रम National Education Policy के सिद्धांतों और भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पाठ्यक्रम को ‘विरासत और विज्ञान’ तथा ‘बोधि और शोध’ की अवधारणाओं के आधार पर विकसित किया जाएगा, ताकि छात्र भारतीय मूल्यों और आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों दोनों को समझ सकें।
योग और प्राणायाम भी होंगे पाठ्यक्रम का हिस्सा
अकादमी में विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए योग और प्राणायाम को प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। संस्थान का मानना है कि उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करने के लिए आत्मबल, मनोबल और मानसिक संतुलन बेहद आवश्यक हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने का दावा
पतंजलि का दावा है कि यह अकादमी प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच सेतु का कार्य करेगी। इसके माध्यम से ऐसे अधिकारी तैयार करने का प्रयास होगा जो न केवल प्रशासनिक रूप से दक्ष हों, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित के प्रति भी समर्पित हों।
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