पाकिस्तान में दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित सैफुल्ला झील में एक पर्यटक नाव के पलटने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। वहीं, लाहौर में एक निजी ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से कम से कम 14 बच्चों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा बुधवार को स्वात जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कलाम क्षेत्र में हुआ। सैफुल्ला झील में एक ही परिवार के आठ सदस्य घूमने के लिए नाव में सवार हुए थे, तभी अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई और सभी यात्री पानी में गिर गए।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव एवं राहत दल मौके पर पहुंच गए और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अब तक सात लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है। पुलिस, बचावकर्मी और स्थानीय स्वयंसेवक संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में सवार सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे और पर्यटन के उद्देश्य से झील में घूमने गए थे।
उधर, पाकिस्तान के लाहौर शहर में मंगलवार को एक और बड़ा हादसा सामने आया। काहना इलाके में स्थित एक निजी ट्यूशन एकेडमी की इमारत की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में कई बच्चे दब गए।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 14 बच्चों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालने के लिए कई घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि इमारत की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता की जांच की जा रही है तथा हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
लगातार दो दिनों में हुए इन दोनों हादसों ने पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों और सार्वजनिक स्थलों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








