भारत और सऊदी अरब ने जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों देशों ने जल प्रबंधन, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता सऊदी अरब के शहर जेद्दा में आयोजित राष्ट्रीय जल सम्मेलन के दौरान संपन्न हुआ। इस पहल को भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और बहुआयामी सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। इससे जल संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में ज्ञान, अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
समझौते पर सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल खान और सऊदी अरब के पर्यावरण, जल एवं कृषि मंत्री अब्दुल रहमान अब्दुल मोहसिन अल-फदली ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूत फहाद सूरी भी मौजूद रहे।
भारतीय मिशन के अनुसार, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य जल संसाधन योजना, टिकाऊ जल प्रबंधन, सिंचाई प्रणालियों के विकास और अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सर्वोत्तम तकनीकों, नीतिगत अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को भी आसान बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के दौर में इस प्रकार के सहयोगात्मक प्रयास भविष्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत और सऊदी अरब के बीच यह समझौता जल प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है।
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