हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच संपर्क व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सिरमौर जिले की पांवटा साहिब तहसील के भगानी गांव में यमुना नदी पर प्रस्तावित नए पुल के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इस परियोजना के तहत 11 बीघा 7 बिस्वा भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। विशेष बात यह है कि इस भूमि अधिग्रहण के कारण किसी भी परिवार के विस्थापित होने की संभावना नहीं है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रधान सचिव देवेश कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह पुल मुख्य जिला मार्ग-94 (पांवटा-डाकपत्थर सड़क) को यमुना नदी के पार उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र स्थित नावघाट-भीमावाला मार्ग से जोड़ेगा। यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क को नया आयाम देने वाली मानी जा रही है।
पांवटा साहिब और विकासनगर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
नए पुल के निर्माण से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और उत्तराखंड के विकासनगर के बीच की दूरी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। वर्तमान में लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन पुल बनने के बाद स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और पर्यटकों को सीधा और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही पर्यटन उद्योग को भी लाभ होगा, क्योंकि हिमाचल और उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
सामाजिक प्रभाव आकलन में परियोजना को मिली मंजूरी
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment – SIA) कराया गया था।
सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समूह ने 1 नवंबर 2025 को एसआईए रिपोर्ट का विस्तृत मूल्यांकन किया। जांच में पाया गया कि प्रस्तावित पुल परियोजना जनहित, क्षेत्रीय विकास और तकनीकी दृष्टि से पूरी तरह उपयुक्त है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि भूमि अधिग्रहण का सामाजिक प्रभाव सीमित रहेगा और किसी परिवार के विस्थापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उचित मुआवजे का होगा प्रावधान
राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण को मंजूरी देते हुए प्रभावित भूमि मालिकों को कानून के तहत उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी और सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाएगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार यमुना नदी पर बनने वाला यह पुल केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा साबित होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा होगी और स्थानीय बाजारों को नई संभावनाएं मिलेंगी।
सरकार का मानना है कि पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिल सकेंगी।








