Volodymyr Zelenskyy ने दावा किया है कि रूसी सेना ने संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) से जुड़े वाहनों को निशाना बनाकर दो FPV ड्रोन हमले किए। यह घटना यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में हुई, जहां संयुक्त राष्ट्र का मानवीय मिशन सक्रिय था।
जेलेंस्की के मुताबिक, रूसी सेना को इस बात की पूरी जानकारी थी कि जिन वाहनों पर हमला किया जा रहा है, वे संयुक्त राष्ट्र मिशन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उस समय मिशन प्रमुख समेत संयुक्त राष्ट्र के कुल नौ कर्मचारी इन वाहनों में मौजूद थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं पहुंची।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि हमले के तुरंत बाद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। उन्होंने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन करार दिया।
खेरसॉन क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी ओलेक्जेंडर प्रोकुडिन ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि रूस ने कोराबेल्नी जिले में मानवीय सहायता मिशन के वाहनों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। उनके अनुसार, यह हमला उन लोगों के खिलाफ किया गया जो युद्ध प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।
प्रोकुडिन ने कहा कि मानवीय सहायता कार्यों में लगे अंतरराष्ट्रीय संगठनों को निशाना बनाना न केवल युद्ध नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह वैश्विक मानवीय प्रयासों पर भी सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस लगातार ऐसे लोगों को निशाना बना रहा है जो संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में राहत और सहायता पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर युद्ध क्षेत्रों में मानवीय संगठनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लंबे समय से युद्ध प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कर रही हैं, जहां सुरक्षा जोखिम लगातार बने हुए हैं।
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