अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ Sriram Krishnan इस महीने के आखिर तक व्हाइट हाउस में अपने पद से अलग हो जाएंगे। प्रशासन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति और रणनीति को मजबूत बनाने में उन्होंने पिछले 18 महीनों के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
श्रीराम कृष्णन को ट्रंप प्रशासन के सबसे चर्चित टेक सलाहकारों में गिना जाता रहा है। उन्होंने विशेष रूप से AI से जुड़ी नीतियों, टेक्नोलॉजी इनोवेशन और अमेरिका की डिजिटल प्रतिस्पर्धा को लेकर प्रशासन के भीतर कई अहम रणनीतिक पहलुओं पर काम किया।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कृष्णन ने कहा कि वह व्हाइट हाउस से अलग होने के बाद कुछ समय का ब्रेक लेना चाहते हैं। उन्होंने लिखा कि इस महीने के आखिर में वह अपना पद छोड़ देंगे और थोड़े विराम के बाद अमेरिका के सामने मौजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम करने के लिए फिर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कृष्णन ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि भविष्य में वह AI सेक्टर में नीति निर्माण और टेक्नोलॉजी विकास से जुड़े मुद्दों पर योगदान देना जारी रखेंगे। उनका बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर प्रतिस्पर्धा और नियामक बहस तेज हो रही है।
टेक इंडस्ट्री में श्रीराम कृष्णन की पहचान एक प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी टेक लीडर के तौर पर रही है। उन्होंने सिलिकॉन वैली की कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम किया है और AI, डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा टेक्नोलॉजी पॉलिसी के मामलों में उनकी विशेषज्ञता को काफी अहम माना जाता है।
व्हाइट हाउस से उनके बाहर होने को अमेरिकी टेक और AI नीति के लिहाज से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि ब्रेक के बाद वह फिर से AI से जुड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर काम करने के लिए सक्रिय होंगे।#SriramKrishnan #DonaldTrump #WhiteHouse #ArtificialIntelligence #AI #TechNews #IndianAmerican #USPolitics #Technology #BreakingNews








