यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते सैन्य टकराव के बीच सऊदी अरब के मिसाइल इंटरसेप्टर कम पड़ने की खबर है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से हवाई रक्षा सहायता देने की अपील की है।
दो क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अरब हूती विद्रोहियों और अन्य ईरान समर्थित समूहों की ओर से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के लिए सहयोगियों से सैन्य मदद मांग रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हथियार भंडार पर भी दबाव है, क्योंकि ईरान के साथ चल रहे छह महीने लंबे संघर्ष के बीच अमेरिका को खुद इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
हूतियों ने सऊदी F-15 गिराने का किया दावा
इसी बीच हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि संगठन ने यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब के एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। उनके मुताबिक, विमान को स्थानीय स्तर पर निर्मित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया। हालांकि, सऊदी अरब ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
हूतियों की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें कथित तौर पर विमान के मलबे और घटनास्थल के दृश्य दिखाई देते हैं। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हूती प्रवक्ता के अनुसार, विमान के मलबे की तलाश में पहुंचे सऊदी F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों का भी हूती बलों ने सामना किया और उन्हें इलाके से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इन दावों पर भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यमन में हूतियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष फिर तेज हुआ है। हालिया घटनाओं के बीच सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा और सहयोगी देशों से सैन्य सहायता की जरूरत पर भी चर्चा बढ़ी है।






