हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) की प्रीमियम राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने तत्कालीन उपडाकपाल राजीव कुमार के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
सीबीआई द्वारा दर्ज मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यास भंग) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(क) के तहत कार्रवाई की गई है। ये मामले शिमला स्थित सीबीआई पुलिस थाने में दर्ज किए गए हैं।
तीन उपडाकघरों में कथित गड़बड़ी
जांच एजेंसियों के अनुसार राजीव कुमार चंबा जिले के भलेई, सलूणी और सुल्तानपुर उपडाकघरों में उपडाकपाल के पद पर कार्यरत रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ग्राहकों से डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा की प्रीमियम राशि नकद रूप में प्राप्त की। इसके अलावा कुछ मामलों में बीमा पॉलिसियों से जुड़े ऋणों की पुनर्भुगतान राशि भी ली गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित ग्राहकों की पॉलिसियों में भुगतान की एंट्री तो कर दी गई, लेकिन पूरी धनराशि सरकारी लेखा प्रणाली में जमा नहीं करवाई गई। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय जांच में खुला मामला
सूत्रों के अनुसार डाक विभाग द्वारा की गई आंतरिक और विभागीय जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन में अनियमितताएं सामने आईं। रिकॉर्ड के मिलान के दौरान यह पाया गया कि ग्राहकों से वसूली गई रकम और सरकारी खातों में जमा धनराशि के बीच अंतर है।
जांच रिपोर्ट में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। बाद में विस्तृत जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंप दिया गया।
CBI ने दर्ज की तीन अलग-अलग FIR
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने तीनों उपडाकघरों से जुड़े मामलों को अलग-अलग अपराध मानते हुए तीन एफआईआर दर्ज की हैं। एजेंसी अब संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, बीमा पॉलिसियों और लेन-देन के विवरण की जांच कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान कथित गबन की वास्तविक राशि और उससे प्रभावित खाताधारकों की संख्या का भी पता लगाया जाएगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ आगे कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बीमा धारकों में बढ़ी चिंता
मामला सामने आने के बाद डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा से जुड़े पॉलिसीधारकों में चिंता का माहौल है। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रभावित खातों और पॉलिसियों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि ग्राहकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजनाएं देश के लाखों लोगों के लिए सुरक्षित निवेश और बीमा का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में इस तरह की वित्तीय अनियमितता के आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल सीबीआई मामले की गहन जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही कथित गड़बड़ी की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।








