तृणमूल कांग्रेस में बढ़ी कलह, पूर्व कोषाध्यक्ष ने पार्टी खाता फ्रीज करने की उठाई मांग
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से आंतरिक मतभेदों और संगठनात्मक खींचतान का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) में विवाद अब वित्तीय मामलों तक पहुंच गया है। पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष Arup Biswas ने एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक खाते से होने वाले सभी वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि अरूप बिस्वास ने अपने पत्र में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय और विधायी निकायों के भीतर कथित मतभेदों और विभाजन का हवाला देते हुए बैंक से पार्टी खाते को फ्रीज करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में खाते से वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
पार्टी ने पहले ही बदला था कोषाध्यक्ष
वहीं तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने 5 जून को ही अरूप बिस्वास को कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया था। उनकी जगह Subhashish Chakraborty को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पद से हटाए जाने के लगभग एक सप्ताह बाद अरूप बिस्वास ने कथित तौर पर अपने पुराने पद का उल्लेख करते हुए बैंक को पत्र भेजा। इसी कारण उनके पत्र को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर नई चर्चा शुरू हो गई है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। पार्टी की आंतरिक स्थिति और संगठनात्मक फैसलों को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस मामले में बैंक या पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी झटके के बाद संगठन के भीतर उभरे मतभेद अब प्रशासनिक और वित्तीय मामलों को भी प्रभावित करते दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद पर पार्टी नेतृत्व का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।#TMC #WestBengalPolitics #ArupBiswas #HDFCBank #PoliticalNews #TMCDispute #BengalNews #IndianPolitics








