रूस ने भारत को टॉमटोर रेयर अर्थ भंडार तक पहुंच की पेशकश की, रणनीतिक सहयोग पर चल रही बातचीत
मॉस्को/नई दिल्ली। महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच रूस ने भारत को अपने विशाल टॉमटोर रेयर अर्थ मेटल्स डिपॉजिट तक पहुंच प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। यह भंडार रूस के साखा (याकुटिया) गणराज्य में स्थित है और दुनिया के प्रमुख रेयर अर्थ संसाधनों में गिना जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत की सरकारी कंपनी इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) इस परियोजना को लेकर रूसी पक्ष के साथ गोपनीय स्तर पर बातचीत कर रही है। चर्चा का मुख्य उद्देश्य टॉमटोर डिपॉजिट से खनिज नमूने प्राप्त करना और उनके वैज्ञानिक विश्लेषण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
सूत्रों के मुताबिक, डिपॉजिट से प्राप्त खनिज सामग्री की प्रारंभिक प्रोसेसिंग रूस में ही की जाएगी। इसके बाद विस्तृत परीक्षण और अध्ययन के लिए नमूनों को भारत भेजा जाएगा। भारतीय विशेषज्ञ इन नमूनों की खनिज संरचना, गुणवत्ता और व्यावसायिक उपयोगिता का मूल्यांकन करेंगे।
विश्लेषण के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भारत और रूस के बीच इस क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग की संभावनाएं कितनी मजबूत हैं। यदि यह सहयोग आगे बढ़ता है, तो भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और हाई-टेक विनिर्माण क्षेत्रों के लिए आवश्यक रेयर अर्थ तत्वों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
रेयर अर्थ मेटल्स आधुनिक तकनीकी उद्योग की रीढ़ माने जाते हैं। इनका उपयोग स्मार्टफोन, सेमीकंडक्टर, बैटरी, मिसाइल सिस्टम, रडार, विंड टर्बाइन और अन्य उन्नत तकनीकी उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। इसी वजह से वैश्विक स्तर पर इन संसाधनों को लेकर रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को टॉमटोर जैसे बड़े रेयर अर्थ भंडार तक पहुंच मिलती है, तो इससे देश की महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच तकनीकी और व्यावसायिक स्तर पर बातचीत जारी है तथा नमूनों के परीक्षण के बाद आगे की साझेदारी को लेकर निर्णय लिया जाएगा।#IndiaRussia #RareEarthMetals #TomtorDeposit #IREL #StrategicMinerals #Yakutia #MiningNews #GlobalEconomy








