उत्तराखंड के अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे और कैंची धाम क्षेत्र में ट्रैफिक जाम अब अस्थायी समस्या नहीं बल्कि स्थायी संकट का रूप लेता जा रहा है। पहले केवल सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान दिखाई देने वाली यह समस्या अब लगभग रोजाना की स्थिति बन चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भवाली से खैरना तक करीब 20 किलोमीटर के दायरे में सात अलग-अलग स्थानों पर लगातार जाम लग रहा है। नतीजतन, सामान्य दिनों में कुछ ही मिनटों में तय होने वाला यह सफर अब घंटों में पूरा हो रहा है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करोड़ों रुपये की लागत से बाईपास निर्माण होने के बावजूद ट्रैफिक दबाव कम नहीं हो सका है। पर्यटन सीजन और धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ती आवाजाही ने समस्या को और अधिक बढ़ा दिया है।
इन स्थानों पर सबसे अधिक लग रहा जाम
अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर कैंची मुख्य बाजार के अलावा कई अन्य स्थान ट्रैफिक जाम के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। इनमें मल्ला कैंची, तल्ला कैंची, भवाली बाईपास पर टंचिंग ग्राउंड के आसपास का क्षेत्र, रामगढ़, खैरना बाजार, रानीखेत पुल, लोहाली और दोपांखी क्षेत्र शामिल हैं।
इन इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें रोजाना देखने को मिल रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों को समय और ईंधन दोनों का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पर्यटक और स्थानीय लोग सबसे अधिक प्रभावित
कैंची धाम और आसपास के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं सड़क की सीमित क्षमता और पार्किंग व्यवस्था की कमी के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब सप्ताहांत के अलावा सामान्य दिनों में भी जाम की समस्या बनी रहती है। इससे स्कूल, कार्यालय और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आने-जाने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थायी समाधान की बढ़ी मांग
क्षेत्र के लोगों और व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने, पार्किंग सुविधाओं का विस्तार करने और जाम वाले क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले पर्यटन सीजन में हालात और अधिक खराब हो सकते हैं।








