नई दिल्ली: CJP के प्रदर्शन के दौरान सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के मामले पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कड़ी नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यदि लंच ब्रेक तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अदालत स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करेगी।
सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट आने वाले वकीलों, वादकारियों और आम नागरिकों को मेट्रो स्टेशन बंद होने की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अदालत के निकट स्थित मेट्रो स्टेशन को बंद रखने का औचित्य क्या है और इससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है।
मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्थिति का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि दोपहर के भोजन अवकाश (लंच) तक इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो न्यायालय सीधे हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होगा।
बताया जा रहा है कि CJP के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा कारणों से सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। हालांकि, इस फैसले से अदालत आने-जाने वाले लोगों को काफी असुविधा हुई, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन लंच तक क्या फैसला लेता है और मेट्रो स्टेशन को दोबारा खोलने या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।








