नई दिल्ली: देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर जारी बहस और NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में फैसला लिया गया है कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा, जिससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आए तथा दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का यह ऐलान युवाओं के हितों की सुरक्षा और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।








