हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth-SRB) के आंकड़ों में चिंताजनक गिरावट दर्ज की गई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग और सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के जून 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 22 जिलों में से 11 जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात में उल्लेखनीय कमी आई है।
आंकड़ों के मुताबिक, इन 11 जिलों में प्रति 1,000 लड़कों पर लड़कियों का जन्म अनुपात घटकर 829 से 895 के बीच पहुंच गया है। जबकि कैलेंडर वर्ष 2025 में यही आंकड़ा 901 से 951 के बीच दर्ज किया गया था। यह बदलाव राज्य में लिंगानुपात को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है।
प्रदेश स्तर पर भी गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 में हरियाणा का कुल जन्म लिंगानुपात 923 था, जो जून 2026 तक घटकर 900 पर पहुंच गया। यानी छह महीने के भीतर राज्य के औसत SRB में 23 अंकों की कमी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट के रुझान से केवल पांच जिले ही बच सके हैं, जबकि अधिकांश जिलों में लिंगानुपात पहले की तुलना में कमजोर हुआ है।
सबसे अधिक गिरावट चरखी दादरी जिले में दर्ज की गई है। सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के आंकड़ों—जिसमें विलंबित पंजीकरण शामिल नहीं हैं—के अनुसार, दिसंबर 2025 में जिले का SRB 913 था, जो जून 2026 तक घटकर 829 रह गया। यानी इस अवधि में 84 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म के समय लिंगानुपात सामाजिक और जनसांख्यिकीय संतुलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। ऐसे में इन आंकड़ों के आधार पर संबंधित विभागों के लिए स्थिति की समीक्षा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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