भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसके पीछे शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत का हवाला दिया। इस फैसले के साथ न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के बीच अधिकारों के स्पष्ट विभाजन का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
मुख्य न्यायाधीश का कहना है कि इस तरह की बैठक शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के अनुरूप नहीं होगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की अपनी-अपनी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निर्धारित हैं। शक्तियों का पृथक्करण इसी व्यवस्था का अहम आधार है।
इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और संवैधानिक हलकों में चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक का प्रस्ताव किस संदर्भ में दिया गया था और इस संबंध में क्या आधिकारिक जानकारी सामने आई है, इसकी पुष्टि आवश्यक है। #CJI #RahulGandhi #MallikarjunKharge #SupremeCourt #SeparationOfPowers #Congress #VoteChori #HindiNews






