डिजिटल तकनीक ने दुनिया को पहले से कहीं ज्यादा करीब ला दिया है, लेकिन इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती भी बनता जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन उत्पीड़न और शोषण से जुड़ी एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है।
गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की बाल अधिकार संस्था UNICEF की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 21 देशों में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले करीब 2 करोड़ बच्चे एक साल के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यौन उत्पीड़न या शोषण का शिकार हुए।
रिपोर्ट में सामने आया यह आंकड़ा बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा करता है। इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण, उत्पीड़न और अन्य जोखिमों से बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपायों की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
21 देशों के बच्चों को अध्ययन में किया गया शामिल
UNICEF का यह अध्ययन अपनी तरह के बड़े वैश्विक अध्ययनों में शामिल है। इसमें अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और पूर्वी यूरोप के 21 देशों में किए गए सर्वेक्षणों के आंकड़ों को शामिल किया गया है।
अध्ययन में केन्या, पाकिस्तान, ब्राजील और सर्बिया समेत विभिन्न देशों के इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले बच्चों से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट का उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बच्चों के सामने मौजूद यौन शोषण और उत्पीड़न के जोखिम को सामने लाना है।
UNICEF की रिपोर्ट बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनकी सुरक्षा मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।




