श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी बीच यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 20 और 21 जून को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के नेतृत्व में यह दल यात्रा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तैयारियों की समीक्षा करेगा।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी के महानिदेशक सहित कई उच्चाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा खुफिया ब्यूरो (IB) और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस टीम का हिस्सा होंगे।
प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं, आपदा प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक इंतजामों की जमीनी स्तर पर समीक्षा करना है। अधिकारियों द्वारा यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा।
इस वर्ष 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं, जिसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरतती हैं।
गृह मंत्रालय का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब यात्रा को लेकर सभी विभागों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
सूत्रों का कहना है कि समीक्षा बैठक के दौरान यात्रा मार्गों पर सुरक्षा तंत्र, निगरानी व्यवस्था, संचार प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही मौसम, भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।








