बारिश का मौसम शुरू होते ही सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों के निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। जलभराव और बिलों में पानी भरने के कारण ये जीव सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों और ऊंचे स्थानों की ओर पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों के सर्पदंश और बिच्छू के डंक का शिकार होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पिछले 24 घंटे के भीतर सर्पदंश के 18 और बिच्छू के डंक के दो मरीज उपचार के लिए पहुंचे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें से आठ मरीजों का इलाज अस्पताल में जारी है, जबकि 10 मरीजों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सभी जरूरतमंद मरीजों को एंटी स्नेक वेनम (ASV) दिया गया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार आया।
डॉक्टरों ने बताया कि कुछ मरीज ऐसे भी पहुंचे, जिन्हें सांप के काटने का संदेह था, लेकिन जांच में शरीर में विष के कोई लक्षण नहीं पाए गए। ऐसे मामलों में घबराहट और डर के कारण भी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सर्पदंश के मामलों में जलालपुर निवासी गोविंद कुमार खेत में पशुओं के लिए चारा काटने गए थे, तभी झाड़ियों में छिपे सांप ने उन्हें काट लिया। उनके पिता जयप्रकाश ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं रगड़गंज के सूरज वर्मा धान की रोपाई के दौरान सर्पदंश का शिकार हो गए। इसके अलावा सेहरा जलालपुर की कुसुमलता को घर में सोते समय सांप ने काट लिया, जबकि बेवाना निवासी गुड़िया, जो शुभम कुमार की पत्नी हैं, खेत में काम करने के दौरान सर्पदंश की शिकार हुईं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। यदि किसी व्यक्ति को सांप या बिच्छू काट ले, तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराएं।








