ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा टला, मेरठ-वाराणसी के कार्यक्रमों पर चुनाव आयोग ने दी सफाई
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित मेरठ और वाराणसी दौरा स्थगित कर दिया गया है। दोनों जगह उन्हें युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से संवाद करना था। मेरठ में कार्यक्रम 25 सितंबर और वाराणसी में 28 सितंबर को प्रस्तावित था।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कार्यक्रम स्थगित किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण दिया। आयोग के अनुसार, दोनों इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) 2.0 क्षेत्रीय सम्मेलनों की तारीखों में बदलाव का फैसला अचानक नहीं लिया गया था। आयोग ने बताया कि इन्हें स्थगित करने का निर्णय 21 सितंबर को ही लिया जा चुका था और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दे दी गई थी।
कार्यक्रम क्यों टाला गया?
चुनाव आयोग ने कहा कि आधिकारिक कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके पीछे कार्यक्रम स्थल की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के व्यस्त कार्यक्रम, स्थानीय परिस्थितियां और प्राकृतिक कारण जैसी वजहें हो सकती हैं। आयोग ने यह भी बताया कि इससे पहले हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख में भी ELC कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव किया गया है।
आयोग के मुताबिक, ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में युवा शामिल होते हैं। इसलिए कार्यक्रम तय करते समय स्थानीय मौसम, शैक्षणिक और सामाजिक परिस्थितियों के साथ संसाधनों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाता है।
SIR विवाद से जोड़कर भी उठे सवाल
ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा ऐसे समय स्थगित हुआ है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। कुछ रिपोर्टों में आयोग के भीतर मतभेदों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रमों को स्थगित करने का इन विवादों से कोई संबंध नहीं है।
आयोग ने कहा कि दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को लिया गया था, जबकि आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी रिपोर्टें इसके बाद सामने आईं। इसलिए कार्यक्रमों के स्थगन को मौजूदा विवाद से जोड़ना उचित नहीं है।
मेरठ और वाराणसी में क्या होना था?
मेरठ में ज्ञानेश कुमार को युवाओं के साथ संवाद के अलावा ELC 2.0 और ECI-Net से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेना था। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के शामिल होने की योजना थी। वाराणसी में भी युवाओं को चुनावी प्रक्रिया, डिजिटल माध्यमों और मतदाता सेवाओं के बारे में जानकारी देने का कार्यक्रम प्रस्तावित था।
फिलहाल दोनों कार्यक्रमों की नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने दोहराया है कि कार्यक्रमों के शेड्यूल में बदलाव प्रशासनिक और लॉजिस्टिक परिस्थितियों के आधार पर किया गया है। #GyaneshKumar #ElectionCommission #ECI #UttarPradesh #Meerut #Varanasi #SIR #ELC #GenZ #ElectionNews






