2025 में SIR के बाद जुड़े 2.73 करोड़ जेन-जी वोटर, चुनाव आयोग ने बताया लगातार जारी रही मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से देश की मतदाता सूचियों में 18 से 28 वर्ष की आयु के 2.73 करोड़ मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। आयोग ने यह आंकड़ा ऐसे समय जारी किया है, जब मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR को लेकर नए मतदाताओं के पंजीकरण पर असर पड़ने की खबरें सामने आई थीं।
चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूचियों का लगातार अपडेट किया जाता है। यानी पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किसी वार्षिक पुनरीक्षण का इंतजार करना जरूरी नहीं है। आयोग के मुताबिक, 2.73 करोड़ का आंकड़ा 18 से 28 वर्ष की उम्र के मतदाताओं का है। इसमें पहली बार मतदान के योग्य हुए युवाओं के साथ वे युवा भी शामिल हैं, जो पहले से पात्र थे लेकिन बाद में उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया या उसमें आवश्यक अपडेट किया गया।
चार तारीखों पर 18 साल पूरा करने वालों को पंजीकरण की सुविधा
चुनाव आयोग के अनुसार, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 14 में 2021 में किए गए संशोधन और धारा 19 के प्रावधानों के तहत कोई पात्र नागरिक 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकता है।
इसके लिए नागरिक को किसी नए पुनरीक्षण की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं होती। नए मतदाता के पंजीकरण के लिए Form 6 का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर भी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए Form 6 के जरिए नए मतदाता के रूप में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
SIR, SSR और लगातार अपडेट अलग प्रक्रियाएं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR, SSR और मतदाता सूची के लगातार अपडेट तीन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अधिकारियों का कहना है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान भी पात्र युवाओं का पंजीकरण जारी रहा और 18 से 28 वर्ष के 2.73 करोड़ लोगों का मतदाता सूची में शामिल होना इसका प्रमाण है।
बिहार में 2025 में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव के लिए जारी अंतिम मतदाता सूची में 7.45 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज थे। इसके बाद 2026 में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हुए और इन राज्यों में चुनाव से पहले मतदाता सूचियों में संशोधन किया गया।
इस तरह चुनाव आयोग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि SIR की प्रक्रिया के दौरान भी युवा मतदाताओं का पंजीकरण चलता रहा। आयोग का कहना है कि पात्र नागरिक नियमित रूप से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं और इसके लिए किसी विशेष पुनरीक्षण का इंतजार अनिवार्य नहीं है। #SIR #GenZVoters #ElectionCommission #VoterList #NewVoters #ElectionNews #Form6 #VoterRegistration #ECI #IndiaNews






