पलामू। झारखंड में स्कूल से बच्चों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए जीरो ड्रॉपआउट पंचायत बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। प्रथम चरण में पलामू जिले समेत राज्य की प्रत्येक जिले की पांच-पांच पंचायतों को इस अभियान के लिए चिह्नित किया जाएगा।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए चयनित पंचायतों में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल से जोड़े रखने पर जोर दिया है।
तीन चरणों में पूरा होगा अभियान
जीरो ड्रॉपआउट पंचायत बनाने की योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में प्रत्येक जिले की पांच-पांच पंचायतों का चयन किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक प्रखंड की पांच-पांच पंचायतों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
तीसरे चरण में प्रत्येक प्रखंड की 10-10 पंचायतों को जीरो ड्रॉपआउट पंचायत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गांव और टोले के हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना होगा
जीरो ड्रॉपआउट पंचायत के दायरे में आने वाले सभी गांवों और टोलों में रहने वाले बच्चों को विद्यालय से जोड़ना अभियान की प्राथमिकता होगी। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 6 से 18 वर्ष की आयु का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
शिक्षा विभाग का फोकस केवल बच्चों के नामांकन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें विद्यालय में बनाए रखने और नियमित शिक्षा से जोड़ने पर भी रहेगा। इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ड्रॉपआउट की समस्या को खत्म कर हर बच्चे की शिक्षा सुनिश्चित करना है।






