देश की राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। कभी झुग्गियों में लगी आग सैकड़ों परिवारों की जिंदगी उजाड़ देती है, तो कभी होटल, फैक्ट्री, अस्पताल और व्यावसायिक इमारतें बड़े हादसों का केंद्र बन जाती हैं। इन घटनाओं में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि अनेक परिवारों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया।
दिल्ली में हुए बड़े अग्निकांडों की पड़ताल करें तो एक बात बार-बार सामने आती है। कहीं बिजली का शॉर्ट सर्किट हादसे की वजह बना, तो कहीं संकरे रास्ते, अवैध निर्माण, ज्वलनशील सामान और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया।
आइए जानते हैं राजधानी दिल्ली के 10 ऐसे बड़े अग्निकांडों के बारे में, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर दिया।
दिल्ली के 10 बड़े अग्निकांड
1. उपहार सिनेमा अग्निकांड (13 जून 1997)
दिल्ली के सबसे दर्दनाक अग्निकांडों में उपहार सिनेमा हादसा आज भी याद किया जाता है। ग्रीन पार्क स्थित सिनेमा हॉल में फिल्म ‘बॉर्डर’ की स्क्रीनिंग के दौरान आग लग गई थी। इस हादसे में 59 लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। जांच में सिनेमा हॉल के निकास द्वारों और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई थीं।
2. लाल कुआं अग्निकांड (1999)
पुरानी दिल्ली के लाल कुआं इलाके में एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि 57 लोगों की जान चली गई। यह हादसा दिल्ली के सबसे भयावह औद्योगिक अग्निकांडों में शामिल है।
3. नंद नगरी अग्निकांड (20 नवंबर 2011)
नंद नगरी के एक सामुदायिक भवन में धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम के दौरान आग लग गई थी। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हुई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
4. बवाना फैक्ट्री अग्निकांड (20 जनवरी 2018)
दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में एक पटाखा और प्लास्टिक यूनिट में भीषण आग लग गई थी। आग के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर अंदर फंस गए। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
5. अर्पित पैलेस होटल अग्निकांड (12 फरवरी 2019)
करोल बाग स्थित अर्पित पैलेस होटल में रात के समय आग लग गई थी। आग और धुएं के कारण होटल में ठहरे लोग बाहर नहीं निकल पाए। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हुई और करीब 35 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद होटल की फायर सेफ्टी व्यवस्था और निर्माण नियमों के पालन पर सवाल उठे थे।
6. अनाज मंडी अग्निकांड (8 दिसंबर 2019)
रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी इलाके में एक फैक्ट्री की इमारत में भीषण आग लग गई थी। इमारत में कई मजदूर सो रहे थे। संकरे रास्तों और सीमित निकास के कारण बचाव कार्य में मुश्किल आई। इस हादसे में 43 लोगों की मौत हुई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया था।
7. मुंडका अग्निकांड (13 मई 2022)
पश्चिमी दिल्ली के मुंडका इलाके में मेट्रो पिलर नंबर 544 के पास स्थित चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लग गई थी। आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 27 लोगों की मौत हुई। इस घटना ने व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
8. विवेक विहार बेबी केयर अस्पताल अग्निकांड (25 मई 2024)
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में आग लगने से सात नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट के बाद आग फैलने की बात सामने आई थी। इस हादसे में 12 बच्चों को बचाकर दूसरे अस्पतालों में पहुंचाया गया था।
9. अलीपुर पेंट फैक्ट्री अग्निकांड (15 फरवरी 2024)
दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक पेंट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैल गई। इस हादसे में 11 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।
10. हौजरानी गेस्ट हाउस अग्निकांड (3 जून 2026)
दिल्ली के हौजरानी इलाके में स्थित एक गेस्ट हाउस में भीषण आग लगने की घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हुई। घटना में इमारत की निकासी व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठे।
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