बाहरी दिल्ली के मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास नाले में डूबकर 12 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर नाले की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते बंद कर दिए हैं। हालांकि, आसपास कई अन्य रास्ते खुले होने के कारण लोगों की आवाजाही पूरी तरह से नहीं रुक पाई है। वहीं, नाले से सटे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की चारदीवारी भी टूटी हुई मिली है।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास नाले में डूबने से मशगूल अली उर्फ आहिल नामक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि घटना के समय मशगूल अली समेत 8 से 10 बच्चे नाले में नहाने गए थे।
एसटीपी के पास हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां जल बोर्ड के एसटीपी का पानी नाले में गिरता है, बच्चे उसी स्थान पर नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान मशगूल अली गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक बच्चे के परिजनों और स्थानीय निवासियों अलाउद्दीन, अहसान समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि नाले और एसटीपी की ओर जाने से रोकने के लिए बनाई गई दीवार पहले से टूटी हुई थी। इसी टूटे हिस्से से बच्चे नाले तक पहुंच गए।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले की ओर बच्चों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए और टूटी चारदीवारी को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
बैरिकेडिंग के बावजूद खुले मिले रास्ते
शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पाया गया कि पुलिस ने मुख्य सड़क से नाले की ओर जाने वाले रास्ते पर दो बैरिकेड लगाकर प्रवेश बंद किया है। इसके बावजूद इलाके में कई वैकल्पिक रास्ते खुले हुए हैं, जिनसे लोग आसानी से नाले तक पहुंच रहे हैं।
नाले और एसटीपी प्लांट के बीच बनी सड़क पर शनिवार को भी कई युवक घूमते दिखाई दिए। वहीं, एसटीपी परिसर की चारदीवारी का बड़ा हिस्सा टूटा मिला, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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