अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्रदास मंगलवार को सार्वजनिक रूप से सामने आए और अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह निर्मोही अखाड़े के विधिवत महंत हैं और इस तथ्य को लेकर किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। हालांकि, कुछ लोग उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रच रहे हैं।
महंत दिनेंद्रदास ने कहा कि उन्हें मानसिक रोगी बताकर निर्मोही अखाड़े की ओर से उच्चतम न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की गई है, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया फर्जी और भ्रामक है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने महंत राजारामचंद्राचार्य को गुमराह कर इस याचिका को दाखिल कराया।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में आयोजित निर्मोही अखाड़े की बैठक में पंचों ने उन्हें अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और रामलला की पूजा-अर्चना का अधिकार ट्रस्ट से प्राप्त करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद अब कुछ लोग उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
महंत दिनेंद्रदास ने दावा किया कि निर्मोही अखाड़े के 19 पंचों में से 13 उनके समर्थन में हैं। साथ ही उन्होंने उस बैठक की वैधता पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिए जाने की बात कही गई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 22 जुलाई को होने वाली श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लेंगे।
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