होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमले के बाद लापता हुए भारतीय मर्चेंट नेवी कैप्टन आशीष कुमार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। कैप्टन की पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से उनकी मौजूदा स्थिति और लोकेशन को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
मामला 1 मार्च 2026 का है, जब एमटी स्काईलाइट (MT Skylight) नामक व्यापारिक जहाज पर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ था। हादसे के बाद चालक दल के अधिकांश सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन कैप्टन आशीष कुमार और एक अन्य भारतीय नागरिक लापता हो गए।
पहले मृत मान लिया गया था कैप्टन आशीष को
हमले के बाद कैप्टन आशीष कुमार के केबिन से जले हुए अस्थि अवशेष बरामद हुए थे। शुरुआती तौर पर इन्हीं अवशेषों के आधार पर उन्हें मृत मान लिया गया। हालांकि बाद में हुई DNA जांच ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए।
परिवार के मुताबिक, बरामद अवशेषों का DNA कैप्टन आशीष के परिजनों के DNA से मेल नहीं खाया। 15 मई 2026 को मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने भी परिवार को जानकारी दी कि बरामद अवशेष कैप्टन आशीष कुमार के नहीं हैं।
WhatsApp मैसेज ने बढ़ाया रहस्य
कैप्टन की पत्नी की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि हमले के बाद उनके फोन पर भेजे गए WhatsApp मैसेज डिलीवर हुए थे। इससे परिवार को आशंका हुई कि हमले के बाद भी कैप्टन आशीष जीवित हो सकते हैं।
याचिका में यह भी दावा किया गया कि घटना के कुछ दिनों बाद परिवार को विदेशी नंबरों से फोन आए और कैप्टन की रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार
कैप्टन आशीष कुमार की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर केंद्र सरकार से उनके पति का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
याचिका में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय सहित संबंधित एजेंसियों को राजनयिक, कांसुलर और अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल कर कैप्टन की तलाश करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
SC ने केंद्र से मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से कैप्टन आशीष कुमार की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र से यह पता लगाने को कहा कि कैप्टन जीवित हैं या नहीं और यदि जीवित हैं तो उनकी लोकेशन क्या है। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने संबंधित एजेंसियों से जानकारी लेकर अदालत को रिपोर्ट देने की बात कही है।
फिलहाल कैप्टन आशीष कुमार के बारे में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। DNA रिपोर्ट से बरामद अवशेषों की पहचान कैप्टन के रूप में नहीं होने और परिवार की ओर से सामने रखे गए अन्य दावों के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। अब सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की स्टेटस रिपोर्ट से इस मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।#CaptainAshishKumar #AshishKumar #HormuzStrait #HormuzAttack #SupremeCourt #SCNews #MerchantNavy #MTSkylight #IranMissileAttack #IndiaNews #BreakingNews #LatestNews #कैप्टनआशीषकुमार #होर्मुज #सुप्रीमकोर्ट #मर्चेंटनेवी #ईरान #मिसाइलहमला






