43.2 डिग्री पर तपकर प्रदेश में सबसे गर्म रहा बांदा, उमस ने बढ़ाई बेचैनीबांदा में 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ भीषण गर्मी जारी है, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना हुआ है। मानसून में देरी और बढ़ती उमस ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है, जिससे जनजीवन और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बुंदेलखंड में मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है और गर्मी का प्रकोप लगातार बना हुआ है। शनिवार को बांदा का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में हल्की कमी के बावजूद बांदा पूरे प्रदेश में सबसे गर्म जिला रहा।
तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ी हुई नमी ने लोगों की मुश्किलें कम होने नहीं दीं। पिछले कई दिनों से बांदा प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल रहा है। जून के पहले और दूसरे सप्ताह में कई बार तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शनिवार को सुबह से ही तेज धूप का असर दिखाई देने लगा।
दोपहर तक सूरज की तपिश इतनी बढ़ गई कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई। शाम के समय बादलों की हल्की आवाजाही जरूर रही, लेकिन वर्षा न होने से उमस बढ़ गई। गर्मी और नमी के संयुक्त असर ने लोगों को अधिक परेशान किया। शीतल पेय, जूस, शिकंजी और आइसक्रीम की दुकानों पर दिनभर भीड़ बनी रही।ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन पर्याप्त वर्षा न होने से खेतों में नमी नहीं बन पा रही है। इससे जुताई और बुवाई की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। पशुपालकों को भी मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं।
मौसम विज्ञानी डा. दिनेश शाहा के अनुसार क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। बादलों की आवाजाही और वातावरण में नमी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन व्यापक वर्षा के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। तब तक जिले वासियों को गर्मी और उमस की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।








