सरकारी नौकरी, ऊंचा ओहदा और आलीशान जीवन।लेकिन जब इस चमक-दमक के पीछे भ्रष्टाचार का पैसा छिपा हो और उसे बचाने के लिए परिवार के सदस्य भी साथ खड़े हो जाएं, तब भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे परिवार की प्रवृत्ति बन जाता है। ओडिशा विजिलेंस के आंकड़े इसी कड़वी सच्चाई की ओर इशारा कर रहे हैं।
पिछले तीन वर्षों में राज्य में 110 महिलाओं को अपने पतियों की आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में सह-अभियुक्त बनाया गया है।
पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर काली कमााई
जांच में सामने आया कि कई अधिकारियों ने अपनी काली कमाई को छिपाने के लिए पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर प्लाट, मकान, सोना और बैंक जमा कर रखे थे।विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब इन महिलाओं को भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में कोरापुट जिले के कोटपाड़ ब्लॉक के सहायक कार्यपालक अभियंता सत्यनारायण सेठी की गिरफ्तारी ने इस प्रवृत्ति को फिर उजागर कर दिया।
विजिलेंस को उनके पास से 49 प्लाट, 14 एकड़ का फार्म हाउस, करीब एक किलो सोना, ढाई किलो चांदी और 60 लाख रुपये की बैंक जमा समेत भारी संपत्ति मिली।जांच में उनकी पत्नी की भी संपत्तियों में भागीदारी सामने आने पर उन्हें भी मामले में सह-अभियुक्त बनाया गया।
पत्नी के नाम पर अवैध संपत्ति
विजिलेंस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 36 महिलाओं, वर्ष 2024 में 38 महिलाओं और वर्ष 2025 में 36 महिलाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की गई। यानी हर वर्ष बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं जांच के दायरे में आईं, जिनके नाम पर अवैध संपत्ति अर्जित की गई थी।
भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों का समर्थन नहीं
राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्या नम्रता चड्ढा का कहना है कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या भी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह समाज में गलत प्रवृत्ति वाले लोगों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है, उसी प्रकार महिलाओं को भी भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों का समर्थन नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों की शादी के समय अभिभावक अक्सर सरकारी नौकरी को सुरक्षित भविष्य का आधार मानते हैं, लेकिन केवल पद और पैसे को महत्व देने की सोच बदलनी होगी। यदि महिलाएं भौतिक आकर्षण से ऊपर उठकर ईमानदारी और नैतिकता को प्राथमिकता दें, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ सामाजिक माहौल मजबूत हो सकता है।
नजर में आंकड़े
- 2023 में 36 महिलाएं बनीं सह-अभियुक्त
- 2024 में 38 महिलाओं पर दर्ज हुए मामले
- 2025 में 36 महिलाओं पर कार्रवाई
तीन वर्षों में कुल 110 महिलाएं विजिलेंस जांच के घेरे में आईं। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अब केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार की भूमिका भी जांच एजेंसियों के निशाने पर है।
#Odisha #OdishaVigilance #CorruptionCase #DisproportionateAssets #CorruptionNews #GovernmentOfficer #Bhrashtachar #IndiaNews #BreakingNews #OdishaNews #VigilanceRaid #BlackMoney #BenamiProperty #CrimeNews #LatestNews








