उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं के अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार स्थानांतरण के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की सबसे अधिक मांग देखने को मिली है। अब बेसिक शिक्षा विभाग प्राप्त आवेदनों की जांच और श्रेणीवार विवरण तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने गंभीर बीमारी, दिव्यांगता तथा पति-पत्नी के एक ही विभाग में कार्यरत होने जैसी विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को अंतरजनपदीय तबादले के लिए आवेदन का अवसर दिया था। इसके लिए 20 जून तक आवेदन जमा करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी।
इस बार की स्थानांतरण प्रक्रिया की खास बात यह रही कि न्यूनतम सेवा अवधि की अनिवार्यता नहीं रखी गई। इससे विशेष परिस्थितियों वाले अधिक संख्या में शिक्षकों को आवेदन करने का अवसर मिला और उन्होंने बड़ी संख्या में तबादले के लिए आवेदन किया।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिक्षकों को तय प्रपत्र में आवेदन भरकर संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के माध्यम से जिप फाइल तैयार कर बेसिक शिक्षा परिषद को ई-मेल के जरिए भेजना था। अंतिम दिन देर रात तक विभागीय ई-मेल पर आवेदन प्राप्त होते रहे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अभी सभी आवेदनों का अंतिम आंकड़ा तैयार नहीं हो पाया है। विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त आवेदन पत्रों का सत्यापन और संकलन किया जा रहा है। इसके बाद स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ा विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जाएगा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बहराइच, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में कार्यरत शिक्षकों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में स्थानांतरण के लिए सबसे अधिक रुचि दिखाई है। इससे स्पष्ट है कि पश्चिमी जिलों में तबादले की मांग इस बार काफी अधिक रही है।
अब विभाग आवेदन पत्रों की पात्रता, दस्तावेजों और श्रेणियों की जांच करेगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी और आगे की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शिक्षकों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही आवेदन जांच का कार्य पूरा कर स्थानांतरण सूची जारी करेगा, जिससे लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत मिल सकेगी।








