शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधायक निधि के कथित दुरुपयोग का एक मामला सामने आया है, जिसकी जांच विजिलेंस विभाग द्वारा तेज कर दी गई है। आरोप है कि एक पूर्व विधायक ने विधायक निधि से जारी आर्थिक सहायता राशि का गलत इस्तेमाल किया।
जानकारी के अनुसार, जुलाई 2023 से जनवरी 2024 के बीच पूर्व विधायक ने अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले 16 कर्मचारियों के बैंक खातों में 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जिला प्रशासन के माध्यम से जारी करवाई। आरोप है कि राशि खातों में पहुंचने के बाद कर्मचारियों से इसे अलग-अलग माध्यमों से वापस ले लिया गया।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, वापस ली गई राशि करीब आठ लाख रुपये बताई जा रही है। विजिलेंस इस पूरे मामले में लेन-देन और लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
विधानसभा अध्यक्ष से मांगी जा रही मंजूरी
सूत्रों के अनुसार, पूर्व विधायक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए धारा 17 ए के तहत प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति मांगी जा रही है।
मंजूरी मिलने के बाद पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। इससे मामले में कानूनी कार्रवाई को और मजबूत आधार मिलने की संभावना है।
विजिलेंस विभाग मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य तथ्यों की जांच कर रहा है।#HimachalPradesh #VigilanceInvestigation #MLAFund #CorruptionCase #HimachalNews








